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स्वास्थ्य केंद्र पटना में डॉक्टर पर दुर्व्यवहार का आरोप, नवजात को रेफर करने में देरी का मामला

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परिजनों ने गाली-गलौज व झूठे केस में फंसाने की धमकी का लगाया बीएमओ श्रेष्ठ मिश्रा पर आरोप 


राजू खान :-

कोरिया/छत्तीसगढ़। कोरिया जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटना में पदस्थ डॉक्टर पर मरीज के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार और इलाज में लापरवाही का आरोप सामने आया है। ग्राम गिरजापुर निवासी परमेश्वर राजवाड़े ने इस संबंध में पटना थाना एवं स्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को वे अपने तीन दिन के नवजात भतीजे को इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पटना लेकर पहुंचे थे। जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर श्रेष्ठ मिश्रा  द्वारा बच्चे का प्रारंभिक उपचार किया गया और परिजनों को बताया गया कि यदि दो घंटे के भीतर स्थिति में सुधार नहीं होता है तो उसे जिला अस्पताल बैकुंठपुर रेफर किया जाएगा।

परिजनों का आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ। जब उन्होंने डॉक्टर से पुनः संपर्क कर रेफर करने की बात कही, तो डॉक्टर द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि गाली-गलौज करते हुए झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

आरोप है कि काफी अनुरोध और प्रयास के बाद अंततः बच्चे को जिला अस्पताल बैकुंठपुर के लिए रेफर किया गया। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।











 :-(बीएमओ श्रेष्ठ मिश्रा ) परिजन एक दो दिन की नवजात बच्ची को लेकर आए थे, जिसे तेज बुखार (लगभग 103 डिग्री) था। बच्ची का स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार किया गया और स्थिति को मैनेज करने का प्रयास किया गया।

 नवजात में बुखार कम होने में समय लगता है, जिसे लेकर परिजनों को समझाइश दी गई थी। इसके बावजूद परिजन तत्काल रेफर की मांग कर रहे थे। डॉ. मिश्रा के अनुसार, रेफर प्रक्रिया पूरी की जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही परिजन वहां से चले गए।

उन्होंने कहा कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर श्वेता तिवारी के साथ परिजनों द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। बाद में शाम के समय जब वे स्वयं मौके पर पंहुचा ,तब भी परिजन आकर विवाद करने लगे।

मेरे द्वारा किसी प्रकार की गाली-गलौज या धमकी नहीं दी गई है। घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी संतोष सिंह थे उन्होने परिजनों को उनके व्यवहार को लेकर समझाइश दी थी।

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