राजू खान:-
छत्तीसगढ़ /कोरिया।बैकुंठपुर राजनीति में पहचान बनाना आसान है, लेकिन जनता के दिलों में जगह बनाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। कोरिया जिले की राजनीति में यदि किसी नेता ने अपने संघर्ष, संगठन क्षमता, जनसेवा और मजबूत जनसंपर्क के दम पर अलग मुकाम हासिल किया है, तो वह नाम है योगेश शुक्ला। समर्थकों के बीच "कोरिया टाइगर" के नाम से प्रसिद्ध योगेश शुक्ला आज बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली और चर्चित चेहरों में गिने जाते हैं।
योगेश शुक्ला को राजनीति विरासत में मिली, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान स्वयं के दम पर बनाई। उनके पिता स्वर्गीय हनुमान प्रसाद शुक्ला कांग्रेस संगठन के मजबूत स्तंभ रहे। बचपन से ही जनसेवा और कांग्रेस की विचारधारा का वातावरण मिलने के कारण योगेश शुक्ला ने भी समाज और संगठन के लिए खुद को समर्पित कर दिया।
शिक्षक की नौकरी छोड़कर उन्होंने जनसेवा का रास्ता चुना। यह निर्णय उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को सुनना, संघर्ष करना और जरूरतमंदों की मदद करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया। यही वजह है कि आज उनकी पहचान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि किसान, मजदूर, युवा, व्यापारी, महिलाएं और बुजुर्ग सभी वर्गों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
ग्राम पंचायत रनई में निर्विरोध चुनाव की परंपरा स्थापित करना उनके सामाजिक नेतृत्व और सर्वस्वीकार्य छवि का प्रमाण माना जाता है। वहीं लोकसभा और विधानसभा चुनावों में उनके क्षेत्र से कांग्रेस को मिलने वाली भारी बढ़त भी उनके राजनीतिक प्रभाव को दर्शाती है।
संगठन की बात हो तो योगेश शुक्ला हमेशा अग्रिम पंक्ति में नजर आते हैं। शिवपुर-चरचा नगर पालिका चुनाव में जब कांग्रेस चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही थी, तब उन्होंने जिम्मेदारी संभाली और अपने नेतृत्व कौशल का परिचय दिया। उनके रणनीतिक प्रबंधन और कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की क्षमता ने कांग्रेस को सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद हुए नगरीय निकाय चुनावों में भी उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझबूझ का परिचय दिया।
योगेश शुक्ला की सबसे बड़ी ताकत उनकी ओजस्वी वक्तृत्व कला मानी जाती है। जब वे मंच पर बोलते हैं तो कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार होता है। उनके भाषणों में स्थानीय मुद्दों की समझ, जनता के दर्द की अभिव्यक्ति और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है। यही कारण है कि उनके कार्यक्रमों में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिलती है।
आज बैकुंठपुर विधानसभा की राजनीति में यह चर्चा तेजी से चल रही है कि कांग्रेस यदि किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो संगठन, कार्यकर्ताओं और जनता के बीच समान रूप से स्वीकार्य हो, तो योगेश शुक्ला का नाम सबसे आगे दिखाई देता है। हजारों समर्थकों का साथ, कार्यकर्ताओं का अटूट विश्वास और जनता के बीच मजबूत जनाधार उन्हें एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करता है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगेश शुक्ला केवल एक नेता नहीं, बल्कि बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की नई ऊर्जा और नई उम्मीद के प्रतीक बन चुके हैं। संघर्ष से निकला यह जननेता आज कोरिया जिले की राजनीति में एक ऐसे मुकाम पर खड़ा है, जहां उसका नाम लोकप्रियता, प्रभाव और जनविश्वास का पर्याय बन चुका है।
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