राजू खान :-
सूरजपुर/छत्तीसगढ़ | सूरजपुर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय पर्यटन समिति (DLTC) की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के 27 चिन्हित पर्यटन स्थलों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा करते हुए कार्ययोजना तैयार की गई।
बैठक की शुरुआत में पूर्व बैठक की कार्यवाही की समीक्षा की गई तथा लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन की प्रगति का जायजा लिया गया।
प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास पर विशेष फोकस
बैठक में कुदरगढ़ एवं केनापारा में मास्टर प्लान के तहत निर्माण कार्य किए जाने पर सहमति बनी। रकसगंडा में वेलकम गेट, साइनेज बोर्ड, नवगई से रकसगंडा तक सड़क निर्माण, यात्री प्रतीक्षालय तथा जलप्रपात के समीप सुरक्षा रैलिंग लगाने का प्रस्ताव रखा गया।
इसके अलावा कुमेली घाट, लफरी घाट एवं पहाड़गांव में भी वेलकम गेट, पहुंच मार्ग, साइनेज बोर्ड, प्रतीक्षालय एवं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर चर्चा की गई।
धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों का होगा उन्नयन
जिले के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों जैसे माँ महामाया मंदिर, समलाई मंदिर, खोपा देवता, देवपहरीधाम, शिवरियां बाबा, दियागढ़ एवं सरनादेव के साथ-साथ सीतालेखनी, लक्ष्मण पांज, जोगीमाड़ा, शिवपुर तुर्रा एवं गढ़ोतियाधाम जैसे प्राकृतिक एवं पुरातात्विक स्थलों पर भी सुविधाओं के विकास की योजना बनाई गई।
इन स्थलों पर वेलकम गेट, साइनेज बोर्ड, शेड, पेयजल एवं यात्री प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
स्वच्छता, होम स्टे और लाइटिंग पर जोर
बैठक में पर्यटन स्थलों पर डस्टबिन, आधुनिक शौचालय, लाइटिंग व्यवस्था तथा होम स्टे की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं प्रमुख स्थानों पर पर्यटन स्थलों के दिशा-सूचक बोर्ड लगाने पर भी चर्चा हुई।
इस पहल से जहां पर्यटकों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलेगा, वहीं स्थानीय युवाओं को होम स्टे के माध्यम से रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
बैठक में ये रहे उपस्थित
बैठक में भीमसेन अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र पाटले, संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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