सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में पारंपरिक शिल्प को मिला सम्मान कोरिया/छत्तीसगढ़। कोरिया -छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहज और लोकसंस्कृति से जुड़ा रूप उस समय देखने को मिला, जब वे सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने के दौरान कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़ने लगे। कार्यक्रम का आयोजन जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में किया गया था।
बैठक के साथ जिला पंचायत सभाकक्ष परिसर में स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड के ग्राम चकडड़ निवासी शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी के दीये और कलश बनाने का जीवंत प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री उनके स्टॉल पर पहुंचे और उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया।
शिल्पकला के प्रति उत्सुकता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा जताई। शिल्पकार की सहमति मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को कुशलता से आकार देते हुए आकर्षक दीया तैयार किया। मुख्यमंत्री की इस सहज दक्षता को देखकर उपस्थित जनसमूह ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान शिल्पकार से उनके व्यवसाय, आय एवं पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित किया और पारंपरिक शिल्प व ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के शासन के संकल्प को दर्शाया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक भैयालाल राजवाड़े सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।