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सड़ा हुआ किराना सामान सड़क किनारे फेंकने से गौवंश की जान खतरे में, एक की हालत गंभीर

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राजू खान:-
बैकुण्ठपुर। नगर क्षेत्र की एक सोसाइटी गली में बड़े किराना व्यवसाय द्वारा नारियल गरी, चिप्स, मूंगफली दाना, रहर दाल, इमली सहित अन्य खाद्य सामग्री का पूरा सड़ा हुआ स्टॉक सड़क किनारे फेंक दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस सड़े हुए सामान को खाकर एक गौवंश बुरी तरह बीमार पड़ गई, जिसके मुंह से झाग निकलने लगा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दर्जनों गौवंश इस कचरे के संपर्क में आए हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है।


स्थानीय लोगों ने बताया कि नियमों के अनुसार सड़ा हुआ खाद्य अपशिष्ट गड्ढा खोदकर, दूर सुरक्षित स्थान पर दबाकर नष्ट किया जाना चाहिए, ताकि पशुओं और आमजन को नुकसान न पहुंचे। इसके बावजूद व्यवसायिक प्रतिष्ठान द्वारा लापरवाही बरतते हुए सार्वजनिक सड़क किनारे कचरा फेंक दिया गया, जिससे गौवंश के जीवन पर संकट खड़ा हो गया है। पशु प्रेमियों का कहना है कि यदि समय पर उपचार और कार्रवाई नहीं हुई तो गौवंश की मृत्यु भी हो सकती है।
यह कृत्य स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के दिशा-निर्देशों, नगर पालिका ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 का खुला उल्लंघन है। इन नियमों के तहत जैविक कचरे का पृथक्करण, सुरक्षित निस्तारण और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर दंड का प्रावधान है। साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 268 (लोक उपद्रव), धारा 269 (लापरवाही से संक्रमण फैलाने का कृत्य) तथा धारा 429 (पशुओं को क्षति पहुंचाना) के अंतर्गत भी अपराध बनता है। नगर पालिका अधिनियम के अनुसार दोषियों पर जुर्माना व लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
स्थानीय नागरिकों और गौसेवकों ने प्रशासन से तत्काल पशु चिकित्सा सहायता, कचरे को हटाकर सुरक्षित निस्तारण, तथा दोषी व्यवसायी पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ही गौवंश की जान बचाई जा सकती है और भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकी जा सकती है।
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