सूरजपुर/छत्तीसगढ़। बिश्रामपुरअम्बिकावाणी आत्मानंद स्कूल, शासकीय कन्या एसईसीएल बिश्रामपुर कॉलोनी के नागरिकों के लिए भारी भरकम कोल ट्रांसपोटिंग वाहन अब दुर्घटनाओं का सबब बनते जा रहे हैं। कॉलोनी में रह रहे हजारों लोगों की सुरक्षा को लेकर एनएसयूआई
के प्रदेश सचिव कुंदन विश्वकर्मा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।कलेक्टर को दिए ज्ञापन में उल्लेख
किया गया है कि एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के आमगांव,केतकी, रेहर और गायत्री खदानों से
निकलने वाले कोयले तथा पावर प्लांट से आ रहे राखड़ को भारी ओवरलोड ट्रिपर और ट्रेलरों के
माध्यम से ट्रांसपोर्ट किया जा रहा है। यह वाहन सीधे मुख्य मार्ग व एसईसीएल कॉलोनी के मार्ग से गुजरते हैं,जो न केवल आवासीय क्षेत्र है बल्कि
यहां कई शैक्षणिक संस्थाएं और धार्मिक स्थल भी स्थित हैं।इनमें कार्मेल कान्वेंट स्कूल, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय,डीएवी पब्लिक स्कूल, स्वामी
विवेकानंद पब्लिक स्कूल और कई कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर प्रमुख हैं, जहां हजारों बच्चे अध्ययनरत हैं। शिक्षण सत्र प्रारंभ हो चुका है और सुबह से
लेकर शाम तक बच्चों का काफी संख्या में आवागमन होता है। इसी समय तेज रफ्तार और ओवरलोड कोयला भारी भरकम ओवर लोड
ट्राला ट्रिपर वाहन उक्त मार्ग से गुजरते हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
विगत वर्षों में ऐसे ही ओवरलोड वाहनों के चलते ३ से ४ लोगों की मौत भी हो चुकी है, जिससे
स्थानीय लोगों में भय और रोष व्याप्त है । पूर्व में सुरजपुर पुलिस अधीक्षक और यातायात विभाग
द्वारा सुबह ७ से १०.३० बजे और दोपहर २ से ४.३० बजे तक नो एंट्री लागू की गई है, लेकिन इसका लाभ आमजन और स्कूली बच्चों को
मिल नहीं रहा है। स्कूलों का समय सुबह ७ बजे से लेकर शाम ५ बजे तक है और छुट्टी के समय भारी
भीड़ होती है। नो एंट्री का समय इस जरूरत को पूरा नहीं कर पा रहा है । श्री विश्वकर्मा ने बताया कि कई ट्रिपर और ट्रेलर के ड्राइवर नशे की हालत में गाड़ी चलाते हैं, जिससे शहर में मुख्य मार्ग व कॉलोनी में कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है ।
इसके अलावा भारी वाहनों के कारण कॉलोनी की सड़कों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा
रही है। ज्ञापन में मांग किया गया है कि कोल परिवहन में लगे ओवरलोड ट्रिपर और ट्रेलरों के
प्रवेश पर सुबह ६ बजे से रात १०बजे तक पूर्ण रोक लगाई जाए।साथ ही इन वाहनों की नियमित
ओवरलोडिंग जांच भी करवाई जाए ताकि आम नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।