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ग्राम पंचायत खोहरा में सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप

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राजू खान:-
एमसीबी/छत्तीसगढ़। एमसीबी जिला मुख्यालय से 170 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत खोहरा में सरकारी योजनाओं को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। ग्राम पंचायत सचिव पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वास्तविक निर्माण कार्य के पूरी सरकारी राशि आहरण कर लिया गया है  ग्रामीणों ने इस मामले में सचिव को हटाने की मांग करते हुए जनपद पंचायत मुख्यालय में प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव ने कागजों में ही काम पूरा दिखाकर पूरी राशि का आहरण कर लिया है, जबकि गाँव में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है ग्राम पंचायत खोहरा के सचिव राजकुमार यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सचिव ने मनमानी ढंग से ग्राम पंचायत के खाते से पैसे निकाले हैं और सरपंच, उप सरपंच और पंचों को कोई जानकारी नहीं दी गई है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जाए और गबन की हुई राशि की वसूली की जाए। उनका कहना है कि सचिव को तुरंत हटाया जाए और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। वहीं, प्रशासनिक अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ कागज़ी कार्रवाई हो रही है और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।ग्राम पंचायत खोहरा में सचिव राजकुमार यादव पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वास्तविक निर्माण कार्य के पूरी सरकारी राशि आहरण कर लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव ने कागजों में ही काम पूरा दिखाकर पूरी राशि का आहरण कर लिया है, जबकि गाँव में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है।


ग्रामीण रामदेव ने बताया कि सचिव राजकुमार यादव और रोजगार सहायक कभी ग्राम खोहरा में नहीं आते हैं और न ही कोई बैठक करते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को कोई भी परेशानी आ जाती है, लेकिन इनके नहीं आने के कारण समस्याएं बढ़ जाती हैं रामदेव ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जनकपुर जाना पड़ता है, लेकिन वहां भी नहीं मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिव शराब पीकर इतराते रहते हैं और ग्रामीणों की समस्याओं को अनदेखा करते हैं।

ग्रामीण जवाहीर प्रसाद ने बताया कि सचिव राजकुमार यादव कभी ग्राम खोहरा में नहीं आते हैं और न ही कोई बैठक करते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं मिलती है और कोई भी काम करवाने के लिए जनकपुर जाना पड़ता है।जवाहीर प्रसाद ने बताया कि जन्म, जाति, आय, मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी जनकपुर जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वहां भी मिल गया तो मिल गया, नहीं तो फिर चले आओ। ग्रामीणों को किराया-भाड़ा देना पड़ता है और परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीण रामलखन सिंह ने बताया कि सचिव राजकुमार यादव कभी खोहरा ग्राम में नहीं आते हैं और न ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव के बाद सचिव केवल एक या दो बार आए हैं और उसके बाद कभी नहीं आए। यहां तक कि बैठक के दौरान भी वह नहीं आए।ग्रामीणों को सचिव के पास जाति निवास, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जनकपुर जाना पड़ता है। इससे पता चलता है कि सचिव अपने काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं और ग्रामीणों की समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं।

उपसरपंच चंद्रप्रताप सिंह ने बताया कि सचिव राजकुमार यादव ने पंचायत खाते से 4 लाख 82 हजार 452 रुपये बिना कार्य निर्माण कराए और बिना किसी की जानकारी के निकाल लिए हैं। इसकी शिकायत जिला कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और एसडीएम भरतपुर से की गई थी।एसडीएम साहब ने जांच टीम भेजी और जांच हुई। जांच में पाया गया कि कोई कार्य निर्माण नहीं हुआ है, लेकिन जांच का पता नहीं चला कि क्या हुआ और क्या कार्यवाही हुई।उप सरपंच चंद्र प्रताप सिंह ने मांग की है कि सचिव द्वारा गवन की गई रकम को वापस लिया जाए और सचिव के उपर दण्डात्मक कार्यवाही हो। साथ ही सचिव को हटाया जाए।

ग्राम पंचायत खोहरा के सचिव राजकुमार यादव ने ग्रामीणों और सरपंच, उप सरपंच के लगाए गए आरोपों को खंडन किया है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा कोई गवन नहीं किया गया है और विभिन्न निर्माण कार्य करवाए गए हैं, जिनमें प्राथमिक शाला खोहरा का रनिंग मरम्मत कार्य, आंगनवाड़ी खोहरा का रनिंग मरम्मत, ग्राम पंचायत खोहरा का रनिंग मरम्मत कार्य, सोलर ट्यूब बेल दो बार बनवाना, जवाहर के घर के पास नया हैंड पंप सैट लगवाना शामिल है।उन्होंने बताया कि सभी कार्यों का प्रस्ताव ग्राम पंचायत से पास है, प्रशासनिक स्वीकृति है, ग्रामसभा से प्रस्ताव पास है और व्यय का मूल्यांकन पास है। सरपंच द्वारा पूरे बिलों में साइन किया गया है राजकुमार यादव ने आरोप लगाया है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनका वहां से स्थानांतरण कर दूसरे जगह रोड साइड किया जाए, जिससे वह अपनी ड्यूटी निर्विरोध कर सकें।
सचिव राजकुमार यादव ने बताया कि उनका 2014 में एक्सीडेंट हुआ था, जिसके कारण वह बाइक उबड़ खाबड़ा रोड में नहीं चला सकते हैं। उन्होंने बताया कि जब कभी फोर व्हीलर गाड़ी मिल जाती है, तब वह जाते हैं और सप्ताह में या महीने में अगर कोई बाइक चलाने वाला मिल जाता है, तो भी जाते हैं।

इस संबंध में मुख्य कार्यपालनअधिकारी भरतपुर अजय सिंह राठौर से बात की गई, लेकिन उन्होंने ऑन रिकॉर्डिंग बयान देने से इनकार कर दिया।अजय सिंह राठौर ने कहा कि उच्चअधिकारियों के द्वारा बयान देने से मना किया गया है, इसलिए वह ऑन रिकॉर्डिंग बयान नहीं दे सकते। उन्होंने बताया कि सचिव के गवन की शिकायत उनके पास और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के पास की गई थी, लेकिन अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा जांच टीम गठित कर जांच की गई थी, जिसका प्रतिवेदन उनके पास नहीं आया है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी के इस बयान से ऐसा लगता है कि वह सचिव को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और अपने पल्ला झाड़ रहे हैं।


बाइट---- रामदीन,,,ग्रामीण,,, सफेद रंग की शर्ट पर 

बाइट---- जवाहीर प्रसाद,,,ग्रामीण,,, गले में सफेद रंग का गमछा 

बाइट---- रामलखन सिंह,,,ग्रामीण,,, काले कलर की शर्ट पहने हुए 

बाइट---- चंद्र प्रताप सिंह,,,उपसरपंच खोहरा,,, नीले कलर की टीशर्ट पहने हुए

बाइट---- राजकुमार यादव,,,ग्राम पंचायत खोहरा के सचिव,,, चश्मा लगाए हुए
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