लोगों का कहना है कि मुक्तिधाम जैसे पवित्र स्थल का यह हाल बेहद शर्मनाक है। यहां कई अंतिम संस्कार होते हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन सफाई और मूलभूत सुविधाओं की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा। न तो बैठने की व्यवस्था है, न ही पीने के पानी की सुविधा। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि जहां अंतिम संस्कार के वक्त इंसान पंचतत्व में विलीन होता है, उस स्थान की देखरेख करना नगरपालिका प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। लेकिन यहां जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही साफ झलक रही है।
अब सवाल उठ रहा है कि आखिर नगर पालिका प्रशासन, अध्यक्ष और उसके जिम्मेदार अधिकारी कब इस समस्या की सुध लेंगे? और क्या मुक्तिधाम जैसे पवित्र स्थल को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे या फिर यह उपेक्षा इसी तरह जारी रहेगी?27°C
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